Category: Ekadashi Vrat Katha

Amalaki Ekadashi Vrat Katha | आमलकी एकादशी कथा | Ekadashi Vrat Katha

Amalaki Ekadashi फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं। आँवले के वृक्ष में भगवान का निवास होता है। इसलिए इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान का पूजन किया जाता है। ये भी पढ़ें – Today Panchang 17 March 2019 | आज का पंचांग 2019 ये भी पढ़ें – Dussehra

Safla Ekadashi 2019 | सफला एकादशी व्रत कथा | Saphala Ekadashi

Saphala Ekadashi पौष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। इसका व्रत करने से सारे कार्य सफल हो जाते हैं। इस व्रत को करने वाले को प्रातः स्नान करके भगवान अच्युत की आरती करनी चहिए। भोग लगाना चहिए अगरबती नारियल सुपारी आँवला अनार तथा लौंग से पूजन करें। दीपदान और रात्रि जागरण

Rama Ekadashi Vrat Katha Hindi | रमा एकादशी व्रत कथा

Rama Ekadashi Vrat Katha यह व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण वस्तुओं से पूजन, नैवेद्य तथा आरती कर प्रसाद वितरितकरके ब्राह्मणों को भोजन करायें और दक्षिणा दें। ये भी पढ़ें – ये भी पढ़ें – रमा एकादशी व्रत कथा अर्जुन ने कहा –

Yogini Ekadashi | योगिनी एकादशी व्रत कथा | Yogini Ekadashi Vrat Katha

Yogini Ekadashi Vrat Katha अर्जुन ने कहा- हे केशव हे त्रिलोकीनाथ! आप कृपा करके मुझे आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनाइये। इस एकादशी का क्या नाम है तथा माहात्म्य क्या है? सो अब आप मुझे विस्तार से कथा बतायें। ये भी पढ़ें – ये भी पढ़ें – श्री कृष्ण ने कहा-

Nirjala Ekadashi | निर्जला एकादशी व्रत कथा | भीमसेनी एकादशी व्रत कथा

Nirjala Ekadashi Vrat Katha शौनकादि अट्ठासी हजार ऋषि-मुनि बड़े श्रद्धा प्रेम से इन एकादशियों की कल्याणकारी व पापनाशक कथाएँ सुनकर आनन्दमग्न हो रहे थे। अब सभी ने ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की प्रार्थना की। तब सूतजी बोले – महर्षि व्यास से एक बार भीम ने कहा- हे महर्षि भ्राता युधिष्ठिर, माता,कुन्ति, द्रौपदी, अर्जुन, नकुल और सहदेव आदि एकादशी के दिन व्रत किया करते हैं

Parama Ekadashi | पुरुषोत्तमी (परमा) हरिवल्लभ एकादशी व्रत कथा 2019

Parama Ekadashi Vrat Katha अर्जुन ने कहा – हे केशव! अब आप अधिक (लौंद) मास या परषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम तथा उसके व्रत का विधि विधान बताने की कृपा करें। इस व्रत किस देवता का पूजन किया जाता है तथा इसके व्रत से किस पुण्य की प्राप्ति होती है? भगवान श्रीकृष्ण