Category: Filmi Tarj Bhajan

Dussehra Par Kavita | Dussehra Par Poem | Vijaya Dashami Poem In Hindi

Dussehra Par Kavita तर्ज – हमें और जीने की चाहत न होती   दो. नौ दुर्गा जब बीत गए और आयो दशहरा आज। आज ही रावण मारकर, किये राम ने पूरे काज।।। रावण ने सीता गर चुराली न होती, दशहरा न होता, दिवाली न होती।।  ये भी पढ़े – देश भक्ति गीत  (1) कुबड़ी की बातो

Filmi Tarj Bhajan Lyrics In Hindi | फिल्मी तर्ज भजन, विधि का बना विधान विधाता

Filmi Tarj Bhajan Lyrics in Hindi तर्ज – छेड़ मिलन के गीत रे मितवा  विधि का बना विधान विधाता। इंसा निर्बल सदा रहा है, समय बड़ा बलवान विधाता।। ये भी पढ़ें – नारी शक्ति पर कविता (1) सतयुग में जलंधर परतापी, हार न मानै अपनी कदापि। समय ने कर दायी ना इंसाफ़ी, लै लये बाके प्राण

Filmi Tarj Bhajan Lyrics | फ़िल्मी तर्ज भजन | गीता से बढ़कर के कोई भी ज्ञान नहीं है

Filmi Tarj Bhajan Lyrics तर्ज – मेरे दिल की है आवाज  दो. गीता ज्ञान की कुंजी है रामायण ग्रन्थ महान। प्रत्यक्ष के लिये किसी को नहीं चहिये कोई प्रमाण।। गीता से बढ़कर के कोई भी ज्ञान नहीं है रावण से बढ़कर के कोई विद्वान नहीं है बाली से बढ़कर कोई बलवान नहीं है कन्यादान से