Category: Geet

Samajik geet in hindi | Samajik kavita in hindi

Samajik Kavita Samajik Geet In Hindi तर्ज – क्या तुम्हें पता है ये गुलशन मेरे दिलवर…. फू. जिनकी कोई इज्जत ना हो, वो औरों की इज्जत क्या जानें। जो लूट – लूट कर खाते हैं, वो लोग शराफत क्या जानें।। (1) मानवता के किरदारों में, लाचार वो आज सिसकती है। बहनों की इज्जत तार तार,

desh bhakti geet lyrics in hindi

Desh bhakti geet desh bhakti geet lyrics in hindi तर्ज – आँख झलका आँसू जा टपका शराब में     फू. गद्दार की टोली कोई सजत नहीं देखी है। डरपोक के घर बम्ब बजत नहीं देखी है।। (1) मेरे भारत में बहती है गंगा, हर दम लहराये मेरा प्यारा तिरंगा। भारत माता की (जय हो