desh bhakti geet lyrics in hindi | ले भारत माता आखिरी सलाम मरते-मरते इन होठों

desh bhakti geet lyrics in hindi

तर्ज – आँख झलका आँसू जा टपका शराब में

फू. गद्दार की टोली कोई सजत नहीं देखी है।
डरपोक के घर बम्ब बजत नहीं देखी है।।

Desh Bhakti Geet Lyrics in Hindi

(1) मेरे भारत में बहती है गंगा,
हर दम लहराये मेरा प्यारा तिरंगा।
भारत माता की (जय हो जय)
मैं हर दम बोलूं (जय हो जय)
चाहे मुझे चीर दो मैं भेद न खोलूँ
मैंने अपनी भारत माता लजत नहीं देखी है…

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(2) क्यों बकते अपबम्ब सपम्बा,
मेरे संग है माता अम्बा
चाहे जो भी करलो (जय हो जय)
ना शीश झुकाऊँ (जय हो जय)
निज वतन की खातिर निज जान गवाऊँ
अपने भारत की सेना पीछे भजत नहीं देखी है…

(3) गद्दारो तुमको गद्दारी करके,
कुछ न मिलेगा मक्कारी करके
मैं आज अकेलो (जय हो जय)
तुम इतने सारे (जय हो जय)
त्यारे चेहरा पड़ गये हैं फिर भी कारे
ये माँ भी बेटों को मैंने तजत नहीं देखी है…

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(4) यहाँ होड़ करें पोखर तालों की,
ताकत क्या है नद्दी नालों की
तुम मुल्ला काजी (जय हो जय)
मेरो क्या कर लेंगे (जय हो जय)
बस देख के यों ही जर लेंगें
परषोत्तम कंचन पै रजत नहीं देखी है

Desh Bhakti ke Geet in Hindi

तर्ज – हमें और जीने की चाहत न होती

दो. घुस बैठे घुसपैठिये बदल – बदल कर भेष।
उग्रवाद को रो रहा, अपना भारत देश।।

उग्रवाद भारत के अन्दर न होता।
अगर ये न होते, अगर ये न होते।।

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(1) वीरों का बलिदान नहीं याद करते।
और खिलते चमन को न बर्बाद करते।।
सारा वतन ये मेरा चैन से सोता, अगर…

(2) हों कैसे पूरे बापू के सपने।
मरवा रहे खुद अपनों को अपने।।
हिन्दू मुस्लिम रंजिश का बीज कौन बोता, अगर…

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(3) विश्व की नेता इंद्रा मारी न जाती।
राजीव के बम्ब की माला वो डारी न जाती।।
देश सारा अंशुओ से मुखड़ा न धोता, अगर…

(4) मजहबी जनून इनपै छाया हुआ है।
आंतकियों का न सफाया हुआ है।।
नैया भंवर में शर्मा खाती न गोता, अगर..

सवैया 

भारत की सीमा पर जाकर, वो युद्ध मचाया वीरों ने।
कठिन कारगिल का मसला, हल करके दिखाया वीरों ने।।
बढ़ गए तिरंगा लेकर ये, नहीं दूध लजाया वीरों ने।
कुर्बान जानकी सरहद पर, नहीं कदम हटाया वीरों ने।

Desh Bhakti Geet in Hindi Written

तर्ज – अगर कहीं पर रहते हो तो देना इस पर ध्यान..

दो. ओ फौजी भईया मेरे, तैने वतन पर दे दई जान।
तेरे लिए सर झुकाता ये पूरा हिंदुस्तान।।

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धोखे से हमला करने को दुश्मन की टोली आयी है।
ना घुसने दिये मैंने सीमा में सीने पर गोली खाई है।।

दुश्मन की गोली मेरे सीने में लूट जहां न चली जाए।
इससे पहले इन होटों पै आयी मुस्कान चली जाए।।

तू उठा तिरंगा हाथों में ना इसकी शान चली जाए।
मैं कर लूं नमन तिरंगे को फिर बेशक जान चली जाए।।

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ले भारत माता आखिरी सलाम।
मरते-मरते इन होटों पै आया तेरा नाम।।

(1) जिस माँ ने मुझे जन्म दिया उस माँ का ऊँचा दर्जा है।
दूध नहीं ये खून बहा ये धरती माँ का कर्जा है।।
खानदानी तो खून वही है, जो आए वतन के काम..

(2) अरमा थे मेरे जीवन में भी बलिदानों की शाम आये।
तीन रंग का यही तिरंगा मेरे कफन के काम आये।।
वन्देमातरम कहके मिले इन साँसों को आराम…

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(3) मेरी शहादत पर कह देना आँख किसी न नम मिलें।
फौजी कोई हर बार कहे मुझे इस भारत में जनम मिले।।
होता रहूँ कुर्बान वतन पै, मैं लाला के पूजू पाम…

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