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कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी लिरिक्स |
कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी लिरिक्स (Kitno Bado Mharo Bhagya Hai Dadi Lyrics)
कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी,
थे म्हारी कुलदेवी,
सगळा नै राजी राखिजो,
ओ दादी म्हारी रानी सती ।
मोटी थे सेठानी हो और जग में थारो नाम है,
बड़ा बड़ा थे कारज सार या, छोटो सो म्हारो काम है,
अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो, जोर कुछ चाले नहीं,
थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं,
नित उठ थारो ध्यान धरां ए मईया, घनी करां मनुहार,
पलक उघाड़ो जी..
ओ दादी म्हारी रानी सती...
सगळा नै राजी राखिजो,
ओ दादी म्हारी रानी सती ।
दादी म्हारी जिंदगी और दादी ही म्हारा प्राण है,
दादी ही जद रूठगी तो जीने को के काम है,
भूल सारी माफ़ कर द्यो, चरणां स्यूं लेवो लगाय,
ठोकरां खाई बोहोत, अब आके सही रस्तो दिखा,
थारे बिना कईयां जीवस्या ओ दादी,
थे ही दिन्या बिसराय,
ओल्यू थारी आवे जी..
ओ दादी म्हारी रानी सती...
सगळा नै राजी राखिजो,
ओ दादी म्हारी रानी सती ।
थारो ही इक आसरो और थां पर दारमदार है,
थारो थोड़ो मुलकनों और म्हारो बेड़ो पार है,
थांसु दादी के कवां, थे ही जगत की मात हो,
भादो में थारो झुंझुनू आऊं, परिवार मेरे साथ हो,
टाबरिया नादान है मईया, सिर पे धरियो हाँथ,
बस यो ही वर माँगा जी..
ओ दादी म्हारी रानी सती...
सगळा नै राजी राखिजो,
ओ दादी म्हारी रानी सती ।
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